BSA 2023 Notes & important sections | UP APO Study Material - Kritika BALLB

भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 - Complete Notes | Kritika BALLB
📺 KRITIKA BALLB | भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 | UP APO NOTES
🏛️ UP APO परीक्षा | BSc Law Notes 2025

भारतीय साक्ष्य
अधिनियम, 2023

Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023 (BSA)
170
कुल धाराएँ
4
भाग (Parts)
12
अध्याय (Chapters)
1 July
2024
लागू हुआ
📺 KRITIKA BALLB
📜

परिचय | Introduction

Overview of BSA 2023
Sec. 1–2
47
अधिनियम संख्यांक (Act No.)
2023 का अधिनियम संख्या 47
1 July
लागू होने की तिथि (Effective Date)
1 जुलाई 2024
170
धाराएँ (Sections)
4 भाग, 12 अध्याय
1872
पुराना अधिनियम (Old Act)
IEA 1872 निरसित (Repealed)
Sir James
विधेयक रचयिता
Sir James Stephen
⚖️ प्रकृति (Nature)
  • प्रक्रियात्मक विधि है (Procedural Law)
  • भूतलक्षी प्रभाव (Retrospective Effect) रखती है
  • लेक्स फोरी (Lex Fori) — जहाँ कार्यवाही हो वहाँ की विधि
  • सिविल एवं आपराधिक दोनों मामलों में लागू
🚫 अपवाद — कहाँ लागू नहीं? (Exceptions)
  • सेना न्यायालय (Army Courts) — Sec. 1(2) लागू
  • शपथपत्र (Affidavits) — लागू नहीं
  • मध्यस्थम् कार्यवाही (Arbitration) — लागू नहीं
📚

परिभाषाएँ | Definitions

Section 2 — Key Definitions
Sec. 2

⚡ धारा 2 की परिभाषाओं का मानचित्र (Section 2 Map)

धारा 2(क/a)
न्यायालय
धारा 2(ख/b)
निश्चायक सबूत
धारा 2(ग/c)
नासाबित
धारा 2(घ/d)
दस्तावेज
धारा 2(ङ/e)
साक्ष्य
धारा 2(च/f)
तथ्य
धारा 2(छ/g)
विवाद्यक तथ्य
धारा 2(ज/h)
उपधारणा कर सकेगा
धारा 2(झ/i)
साबित नहीं हुआ
धारा 2(ञ/j)
साबित
धारा 2(ट/k)
सुसंगत
धारा 2(ठ/l)
उपधारणा करेगा
🏛️ न्यायालय | Court Sec. 2(a)
सभी न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट तथा वैध रूप से साक्ष्य लेने के लिए प्राधिकृत व्यक्ति।

⚠️ मध्यस्थ (Arbitrator) न्यायालय नहीं है!
🔒 निश्चायक सबूत
Conclusive Proof
Sec. 2(b)
जब एक तथ्य दूसरे का निश्चायक सबूत घोषित हो → एक साबित होने पर दूसरा स्वतः सिद्ध

विपरीत साक्ष्य देने की अनुमति नहीं
❌ नासाबित | Disproved Sec. 2(c)
जब न्यायालय यह विश्वास करे कि तथ्य का अस्तित्व नहीं है, या इसे इतना अधिसम्भाव्य समझे कि कोई प्रज्ञावान व्यक्ति उसके न होने पर कार्य करे।
📄 दस्तावेज | Document Sec. 2(d)
लेख, मुद्रित, शिलामुद्रित, फोटोचित्र, मानचित्र, रेखांक, ईमेल, सर्वर लॉग, कम्प्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन, मैसेज, वेबसाइट, डिजिटल युक्तियों में भंडारित वायस मेल आदि।
⚖️ साक्ष्य | Evidence Sec. 2(e)
1. मौखिक साक्ष्य — गवाहों के कथन (इलेक्ट्रॉनिक सहित)
2. दस्तावेजी साक्ष्य — न्यायालय के निरीक्षण के लिए पेश दस्तावेज (इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख सहित)
🔍 तथ्य | Fact Sec. 2(f)
1. कोई वस्तु, वस्तुओं की अवस्था, या सम्बन्ध जो इन्द्रियों द्वारा बोधगम्य हो
2. कोई मानसिक दशा, जिसका भान किसी व्यक्ति को हो
⚡ विवाद्यक तथ्य
Fact in Issue
Sec. 2(g)
वह तथ्य जिसके अस्तित्व, अनस्तित्व, प्रकृति या विस्तार की उत्पत्ति किसी वाद में प्राख्यान या प्रत्याख्यान किए गए अधिकार, दायित्व या नियोग्यता से हो।
✅ साबित | Proved Sec. 2(j)
जब न्यायालय यह विश्वास करे कि उस तथ्य का अस्तित्व है, या उसे इतना अधिसम्भाव्य समझे कि कोई प्रज्ञावान व्यक्ति उसके होने पर कार्य करे।
🔄 उपधारणा कर सकेगा vs उपधारणा करेगा
Sec. 2(h)
उपधारणा कर सकेगा
MAY presume — न्यायालय का विवेकाधिकार (Discretionary)
Sec. 2(l)
उपधारणा करेगा
SHALL presume — न्यायालय का कर्तव्य (Mandatory)
🔗

तथ्यों की सुसंगति | Relevancy of Facts

Chapter 2 — Sections 3–50
Sec. 3–50

📊 अध्याय 2 की संरचना (Structure of Chapter 2)

3–14
तथ्यों की सुसंगति
(Relevancy)
15–25
स्वीकृतियाँ
(Admissions)
26–27
विशेष कथन
(Special Statements)
28–33
विशेष परिस्थितियों
में कथन
34–38
न्यायालयों के
निर्णय
39–45
अन्य व्यक्तियों
की राय
46–50
शील कब
सुसंगत है
सुसंगतता (Relevancy) और ग्राह्यता (Admissibility) एक नहीं हैं!
सुसंगत तथ्य हमेशा ग्राह्य नहीं होता। सुसंगतता विषय-संबंध दर्शाती है, जबकि ग्राह्यता विधिक स्वीकार्यता।
📌 धारा 3 — मुख्य नियम (Section 3 — Main Rule)

किसी वाद में विवाद्यक तथ्यों के और उन तथ्यों के, जिन्हें एतस्मिनपश्चात् सुसंगत घोषित किया गया है, अस्तित्व या अनस्तित्व का साक्ष्य दिया जा सकता है, अन्यों का नहीं।

🔗 धारा 4 — एक ही संव्यवहार Sec. 4
जो तथ्य विवाद्य न होते हुए भी किसी एक ही संव्यवहार का भाग हैं, वे सुसंगत हैं — चाहे एक ही समय/स्थान या भिन्न समय/स्थान पर हों।

⚡ यह अनुश्रुत साक्ष्य नियम का अपवाद है।
⚡ धारा 5 — हेतु, तैयारी, आचरण Sec. 5 & 6
धारा 5: विवाद्यक तथ्यों के प्रसंग, हेतु, परिणाम वाले तथ्य सुसंगत।

धारा 6: विवाद्यक/सुसंगत तथ्य का हेतु, तैयारी, पूर्व या पश्चात् का आचरण दर्शाने वाले तथ्य सुसंगत।
🔍 धारा 7 — शिनाख्त परेड Sec. 7
विवाद्यक/सुसंगत तथ्यों के स्पष्टीकरण या पुनः स्थापन के लिए आवश्यक तथ्य सुसंगत।

🔵 शिनाख्त परेड — पुलिस अधिकारी, मजिस्ट्रेट या कोई भी नागरिक ले सकता है।
🕵️ धारा 8 — षड्यंत्र Sec. 8
सामान्य परिकल्पना के बारे में षड्यंत्रकारियों द्वारा कही या की गई बातें सुसंगत तथ्य हैं।
📍 धारा 9 — अन्यत्र उपस्थिति Sec. 9
अन्यथा असंगत तथ्य भी सुसंगत हो जाते हैं जब वे —
Plea of Alibi से जुड़े हों

उदाहरण: हत्या के दिन अभियुक्त उस स्थान पर नहीं था।
📜 धारा 11 — अधिकार/रूढ़ि Sec. 11
जब अधिकार या रूढ़ि प्रश्नगत हो तो उन अधिकारों/रूढ़ियों से सम्बन्धित संव्यवहार या उनके विशिष्ट उदाहरण सुसंगत।

तीन प्रकार की रूढ़ि: सामान्य, व्यक्तिगत, सार्वजनिक
🎯 धाराएँ 3-14 याद करने की TRICK:

"3 से बात, 4 संव्यवहार, 5 हेतु-परिणाम, 6 तैयारी, 7 स्पष्टीकरण, 8 षड्यंत्र, 9 अन्यत्र, 10 न्यायालय की मदद, 11 रूढ़ि, 12 मन-शरीर, 13 आकस्मिक, 14 कारोबार"

SHORT: "बात संव्यवहार हेतु तैयारी स्पष्ट षड्यंत्र अन्यत्र न्याय रूढ़ि मन आकस्मिक कारोबार"
🧠 धारा 12 — मन की दशा (Section 12 — State of Mind)
1. आशय (Intention) 2. ज्ञान (Knowledge) 3. सद्भाव (Good Faith) 4. उपेक्षा (Negligence) 5. उतावलापन (Rashness) 6. वैमनस्य (Ill-will) 7. सदिच्छा (Good Will) 8. शारीरिक संवेदना
लैटिन सूक्ति: "Consuetudo est altera lex" — रूढ़ि भी एक विधि है।
🤝

स्वीकृति | Admissions

Sections 15–25
Sec. 15–25
📌 धारा 15 — स्वीकृति की परिभाषा (Definition of Admission)

स्वीकृति वह मौखिक, दस्तावेजी या इलेक्ट्रॉनिक रूप में अन्तर्विष्ट कथन है जो किसी विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य के बारे में अनुमान इंगित करता है और जो धारा 16, 17 व 18 में वर्णित व्यक्तियों में से किसी के द्वारा किया गया हो।

👤 कौन कर सकता है? (Who can Admit?)
⚠️ महत्वपूर्ण नियम
  • सामान्य नियम: स्वीकृति स्वीकृतिकर्ता के विरुद्ध साबित की जाती है
  • Sec. 19 — अपवाद: कुछ परिस्थितियों में स्वीकृति उसे करने वाले के द्वारा भी साबित की जा सकती है
  • Sec. 25 — स्वीकृतियाँ निश्चायक सबूत नहीं, किन्तु विबन्ध कर सकती हैं
🚨

संस्वीकृति | Confessions

Sections 22–24
Sec. 22–24
🔑 संस्वीकृति क्या है? (What is Confession?)

अधिनियम में संस्वीकृति की कोई परिभाषा नहीं है। यह स्वीकृति का एक हिस्सा है — किसी अपराध को स्वीकार कर लेना ही संस्वीकृति (Confession) है।

1. न्यायिक संस्वीकृति 2. न्यायिकेतर संस्वीकृति

🚦 धारा 22 — संस्वीकृति कब विसंगत? (When Confession Irrelevant?)

उत्प्रेरणा से की गई
संस्वीकृति
+
धमकी से की गई
संस्वीकृति
+
वचन (Promise) से
की गई संस्वीकृति
दाण्डिक कार्यवाही में
IRRELEVANT/विसंगत
↓ परन्तुक (Proviso)
यदि उत्प्रेरणा/धमकी/वचन का
प्रभाव दूर हो जाने के
पश्चात् की गई — तो RELEVANT/सुसंगत

🔑 धारा 23 — पुलिस संस्वीकृति (Section 23 — Police Confession)

  • नियम 1: पुलिस से की गई कोई भी संस्वीकृति अभियुक्त के विरुद्ध साबित नहीं की जायेगी।
  • नियम 2: पुलिस की अभिरक्षा में की गई संस्वीकृति साबित नहीं होगी, जब तक मजिस्ट्रेट की साक्षात् उपस्थिति में न की गई हो।
  • ⚡ महत्वपूर्ण परन्तुक: अभियुक्त से प्राप्त जानकारी से जो किसी को तलाशा जाता है वह सुसंगत होगा — चाहे वह संस्वीकृति हो अथवा न हो।
🎯 POLICE CONFESSION याद करें:
"पुलिस की राम (RAM) नहीं मानती"
Rule = पुलिस को दी गई confession valid नहीं
Absolutely needs Magistrate = अभिरक्षा में मजिस्ट्रेट चाहिए
Material discovery = मिली हुई चीज़ें सुसंगत होंगी

धारा 24 — सह अभियुक्त (Co-accused):
जब एक से अधिक को एक ही/कई अपराधों के लिए संयुक्त विचारण हो → सह अभियुक्त की संस्वीकृति दूसरे को प्रभावित करती है
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मृत्युकालिक कथन | Dying Declaration

Section 26
Sec. 26
📜 धारा 26 — मृत्युकालिक कथन

वे दशायें जिनमें मर गए या मिल नहीं सकते आदि व्यक्ति द्वारा सुसंगत तथ्य का किया गया कथन सुसंगत है।

मृत्युकालिक कथन धारा 26(1) में परिभाषित है।

दीवानी एवं दाण्डिक दोनों मामलों में ग्राह्य

8 परिस्थितियाँ — स्वयंमेव सुसंगत
  1. मृत्यु के कारण से सम्बन्धित
  2. कारोबार के अनुक्रम में
  3. करने वाले के हित के विरुद्ध
  4. लोक अधिकार/रूढ़ि/साधारण हित
  5. नातेदारी के अस्तित्व से सम्बन्धित
  6. कौटुम्बिक विल या विलेख में
  7. धारा 11 के संव्यवहार से जुड़े दस्तावेज में
  8. कई व्यक्तियों द्वारा किया गया भावनायें
मृत्युकालिक कथन को "मरते वक्त झूठ नहीं बोलते" के सिद्धांत पर माना जाता है। जैसे कोई अंतिम समय में परिवार को सच बताता है — वही सच न्यायालय में भी स्वीकार होता है।
मैथ्यू अरनाल्ड: "कोई व्यक्ति मरते समय अपने मुंह में झूठ लेकर नहीं जाना चाहता।"
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दस्तावेजी साक्ष्य | Documentary Evidence

Chapters 5–6 — Sections 56–103
Sec. 56–103
🥇 प्राथमिक साक्ष्य | Primary Evidence Sec. 57
परिभाषा: न्यायालय के निरीक्षण के लिए पेश की गई दस्तावेज स्वयं।

7 Explanations:
1. मूल कई प्रतियों में — प्रत्येक प्राथमिक
2. प्रतिलेख (Counterpart)
3. रूपात्मक प्रक्रिया से बने दस्तावेज
4. इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल फाइल
5. समुचित अभिरक्षा में इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख
6. वीडियो रिकार्डिंग
7. कई स्थान पर भंडारित डिजिटल अभिलेख
🥈 द्वितीयक साक्ष्य | Secondary Evidence Sec. 58
8 प्रकार:
1. प्रमाणित प्रतिलिपियाँ
2. यांत्रिक प्रक्रिया से प्रतिलिपियाँ
3. तुलना की गई प्रतिलिपियाँ
4. दस्तावेजों के प्रतिलेख
5. अन्तर्वस्तुओं का मौखिक वृतान्त
6. मौखिक स्वीकृतियाँ
7. लिखित स्वीकृतियाँ
8. विशेषज्ञ का बयान
🎯 Primary vs Secondary याद करें:
"Primary = Present करो ORIGINAL" — मूल दस्तावेज खुद पेश करो
"Secondary = Substitute" — जब मूल नहीं मिले तब विकल्प

जब Secondary दे सकते हैं? — जब दस्तावेज का अस्तित्व, स्थिति या अन्तर्वस्तु प्रश्नांकित हो।
📑 धारा 74 — लोक vs प्राईवेट दस्तावेज (Section 74)
🏛️ लोक दस्तावेज (Public Documents)
उदाहरण: FIR, वारंट, पंजीकृत विक्रय-विलेख, उच्च न्यायालय का निर्णय, मतदाता सूची
📄 प्राईवेट दस्तावेज (Private Documents)
  • लोक दस्तावेज के अलावा सभी
  • संविदा, दान-पत्र
  • बंधक विलेख
  • अपंजीकृत पारिवारिक बंटवारा
  • दत्तक विलेख
  • शव परीक्षण रिपोर्ट
📅 धारा 92 — 30 वर्ष पुराने दस्तावेज (30-year old Documents)

तीस वर्ष पुराने दस्तावेजों के बारे में उपधारणा होती है यदि:

1दस्तावेज 30 साल पुराना होना आवश्यक है
2दस्तावेज उचित अभिरक्षा से पेश किया गया है
3धारा 80 का स्पष्टीकरण इस धारा 92 को भी लागू होगा
💻

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य | Electronic Evidence

Sections 61–63, 73, 85–87 (New Provisions)
Sec. 61–63
BSA 2023 में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के लिए नए प्रावधान जोड़े गए — यह IEA 1872 की अपेक्षा बड़ा बदलाव है! डिजिटल युग के लिए विशेष धाराएँ।
💾 धारा 61 — नया प्रावधान Sec. 61
इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल अभिलेख (नया प्रावधान) — साक्ष्य की ग्राह्यता में स्वीकार्य होगा और धारा 63 के अधीन अन्य अभिलेखों के समान विधिक प्रभाव, विधिमान्यता और प्रवर्तनीयता रखेंगे।
🔐 धारा 66 — Digital Signature Sec. 66
इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के बारे में सबूत — यदि हस्ताक्षरकर्ता का इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर किसी दस्तावेज पर नियत किया गया है, तो यह साबित करना होगा कि वह उसी व्यक्ति का है।
🖊️ धारा 73 — Digital Signature Proof Sec. 73
डिजिटल हस्ताक्षर के सत्यापन के बारे में सबूत — न्यायालय निर्देश दे सकता है: (a) व्यक्ति या नियंत्रक/प्रमाणकर्ता प्राधिकारी प्रमाण पत्र पेश करे (b) सूचीबद्ध लोक कुंजी के लिए आवेदन करे
⚡ धारा 85 — Electronic Contract Sec. 85
इलेक्ट्रॉनिक करारों के बारे में उपधारणा — न्यायालय उपधारणा करेगा कि प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख, जिसमें पक्षकारों के इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल हस्ताक्षर हैं, वैध करार है।
📨 धारा 90 — E-Messages Sec. 90
इलेक्ट्रॉनिक सन्देशों के बारे में उपधारणा — न्यायालय इलेक्ट्रॉनिक संदेशों की प्रामाणिकता के बारे में उपधारणा कर सकेगा।
📱 धारा 81 — E-Gazette Sec. 81
इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल अभिलेख में राजपत्रों के बारे में उपधारणा — न्यायालय प्रत्येक ऐसे इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख का असली होना उपधारित करेगा।
⚖️

सबूत का भार | Burden of Proof

Chapter 7 — Sections 104–120
Sec. 104–120

⚖️ सबूत के भार की संरचना (Structure of Burden of Proof)

धारा 104
सबूत का भार
(General Rule)
धारा 105
भार किस पर?
जो असफल हो जाये
धारा 106
विशिष्ट तथ्य
जो मांगे
धारा 107
साक्ष्य ग्राह्य
के लिए
धारा 108
अपवाद में आना
अभियुक्त साबित करे
धारा 109
विशेषतः ज्ञात तथ्य
res ipsa loquitor
धारा 110–120
विशेष उपधारणाएँ
📌 धारा 104 — सबूत का भार Sec. 104
जो कोई न्यायालय से यह चाहता है कि वह किसी विधिक अधिकार या दायित्व के बारे में निर्णय दे, जो उन तथ्यों के अस्तित्व पर निर्भर है जिन्हें वह प्राख्यान करता है — उसे उन तथ्यों का अस्तित्व साबित करना होगा।

💡 जिस तथ्य को साबित करना है — "Factum Probandum" कहते हैं।
🔄 धारा 105 — भार किस पर? Sec. 105
किसी वाद या कार्यवाही में सबूत का भार उस व्यक्ति पर होता है जो असफल हो जायेगा, यदि दोनों में से किसी भी ओर से साक्ष्य न दिया जाये।

⚡ सबूत का भार = सबूत पेश करने का भार — यह विचारण के दौरान सदैव बदलता रहता है।
🎯 धारा 108 — अभियुक्त का भार Sec. 108
यदि अभियुक्त यह कहे कि वह अपवादों के अन्तर्गत आता है (IPC/BNS के साधारण अपवाद, विशेष अपवाद, परन्तुक) — तो उसे साबित करने का भार अभियुक्त पर होगा।
🔬 धारा 109 — Res Ipsa Loquitor Sec. 109
विशेषतः ज्ञात तथ्य — जब तथ्य ऐसी प्रकृति का है कि वह विशेष रूप से किसी व्यक्ति की जानकारी में ही हो सकता है → उस व्यक्ति को वह साबित करना होगा।

💡 Res Ipsa Loquitor = "स्वंय प्रमाण"
⏳ धारा 110 — 30 वर्ष की उत्तरजीविता Sec. 110
जब यह दर्शित किया जाये कि व्यक्ति तीस वर्ष के भीतर जीवित था → यह साबित करने का भार कि वह मर गया है, उस व्यक्ति पर जो उसे प्रतिज्ञात करता है।
👻 धारा 111 — 7 वर्ष की अनुपस्थिति Sec. 111
जिस व्यक्ति के बारे में सात वर्ष से कुछ सुना नहीं गया — यह साबित करने का भार कि वह जीवित है, उस व्यक्ति पर जो ऐसा प्रतिज्ञात करे।
⭐ महत्वपूर्ण उपधारणाएँ | Important Presumptions (Sec. 115–120)
धारा विषय विशेष बात
115 कतिपय अपराधों के बारे में उपधारणा POCSO सम्बन्धित अपराध
116 विवाहित स्थिति में जन्म — धर्मजत्व का निश्चायक सबूत विवाह जारी रहते + 280 दिन के भीतर
117 विवाहिता स्त्री द्वारा आत्महत्या के दुष्प्रेरण की उपधारणा Sec. 64 BNS से सम्बन्धित
118 दहेज मृत्यु की उपधारणा Sec. 80 BNS — दहेज मृत्यु
119 न्यायालय किन्हीं तथ्यों का अस्तित्व उपधारित कर सकेगा May Presume
120 बलात्संग — सम्मति के न होने की उपधारणा Sec. 63, 64 BNS
🎯 उपधारणाएँ 115-120 याद करें — "कुछ विवाह दहेज न्यायालय बलात्"
115 = कुछ अपराध (POCSO)
116 = विवाह में जन्म (Legitimacy)
117 = आत्महत्या दुष्प्रेरण (विवाहिता)
118 = दहेज मृत्यु
119 = न्यायालय — May Presume
120 = बलात्संग — No Consent presumed
🛑

विबन्ध | Estoppel

Chapter 8 — Sections 121–123
Sec. 121–123
📜 धारा 121 — विबन्ध (Estoppel)

विबन्ध = अंग्रेजी के "Estoppel" का हिन्दी रूपान्तर। अर्थ है — रोक देना।

जब किसी व्यक्ति ने किसी तथ्य के बारे में कोई वचन दिया या व्यपदेशन किया और दूसरे ने उस पर विश्वास करके अपने अहित में कार्य किया — तो वह उस वचन/व्यपदेशन से मुकरने से निषिद्ध हो जाता है।

3 प्रकार के विबन्ध
1अभिलेख द्वारा विबन्ध (Estoppel by Record)
2विलेख द्वारा विबन्ध (Estoppel by Deed)
3आचरण द्वारा विबन्ध (Estoppel by Conduct)
⚠️ विबन्ध एक सिविल कार्यवाही का नियम है।
दाण्डिक कार्यवाही में लागू नहीं होता।
विबन्ध को समझें जैसे — यदि आपने किसी दोस्त को कहा "यह जमीन तुम्हारी है" और वह उस पर घर बना ले, तो बाद में आप यह नहीं कह सकते कि "जमीन मेरी थी"। आपका वचन आपको रोक देता (Estop) है।
👤

साक्षी | Witnesses

Chapter 9 — Sections 124–139
Sec. 124–139
👥 धारा 124 — सक्षम साक्षी Sec. 124
सभी व्यक्ति साक्ष्य देने के लिए सक्षम होंगे, जब तक न्यायालय का यह विचार न हो कि —
• कोमल वयस (बहुत छोटे)
• अति वार्धक्य (बहुत बूढ़े)
• शरीर/मन के रोग
से वे प्रश्न समझने या युक्तिसंगत उत्तर देने से निवारित हैं।
🤐 धारा 125 — मूक साक्षी Sec. 125
बोलने में असमर्थ साक्षी — लिखकर या संकेतों द्वारा साक्ष्य दे सकेगा।

खुले न्यायालय में दिया जाये
📹 न्यायालय में कथन की वीडियो फिल्म तैयार की जा सकती है
💑 धारा 126 — पति-पत्नी की साक्षी सक्षमता Sec. 126 (NEW)
नया प्रावधान: कतिपय मामलों में पति और पत्नी की साक्षी के रूप में सक्षमता
सभी सिविल कार्यवाही में पक्षकार + पत्नी/पति सक्षम साक्षी।
दाण्डिक विचारण में उस व्यक्ति का पति/पत्नी।
⚖️ धारा 138 — सह अपराधी Sec. 138
सह अपराधी — अभियुक्त व्यक्ति के विरुद्ध सक्षम साक्षी होगा।

कोई दोषसिद्धि इसलिए अवैध नहीं कि वह किसी सह अपराधी के परिसाक्ष्य पर आधारित है।
🔒 विशेषाधिकृत संसूचनाएँ | Privileged Communications (Sec. 127–136)
धारा प्रकार नोट
127 न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट प्रकट करने से मना कर सकते हैं
128 विवाहित स्थिति में संसूचनाएँ पति-पत्नी एक दूसरे के विरुद्ध नहीं
129 राज्य के क्रियाकलापों का साक्ष्य राज्य के विवेकाधिकार में
134 विधि सलाहकारों की गोपनीय संसूचनाएँ Attorney-Client Privilege
137 स्वयं को अपराध में फँसाने वाला उत्तर साक्षी उत्तर देने से क्षम्य नहीं होगा
🔎

साक्षियों की परीक्षा | Examination of Witnesses

Chapter 10 — Sections 140–168
Sec. 140–168

🔄 परीक्षाओं का क्रम | Order of Examinations (Sec. 143)

1. मुख्य परीक्षा
Examination-in-Chief
बुलाने वाले पक्षकार द्वारा
2. प्रतिपरीक्षा
Cross-Examination
प्रतिपक्षी द्वारा
3. पुनःपरीक्षा
Re-Examination
बुलाने वाले द्वारा
धारा 142 — साक्षियों की परीक्षा (Examination of Witnesses)
BSA 2023 में तीनों प्रकार की परीक्षाओं का प्रावधान
❓ धारा 146 — सूचक प्रश्न Sec. 146
सूचक प्रश्न = जो उत्तर को सुझाता हो।

✅ प्रतिपरीक्षा में पूछा जा सकता है।
❌ मुख्य परीक्षा/पुनःपरीक्षा में न्यायालय की अनुज्ञा बिना नहीं।
🔄 धारा 157 — पक्षद्रोही साक्षी Sec. 157
Hostile Witness — पक्षकार द्वारा अपने ही साक्षी से प्रश्न किया जा सकता है।

यह धारा पक्षद्रोही साक्षी के सम्बन्ध में प्रावधान करती है।
🧠 धारा 162 — स्मृति ताजी करना Sec. 162
साक्षी परीक्षा के अधीन किसी लेख को देखकर अपनी स्मृति ताजी कर सकेगा — यदि वह दस्तावेज संव्यवहार के समय बनाया गया हो या तुरंत बाद में।
🚫 धारा 154 — अशिष्ट प्रश्न Sec. 154
न्यायालय को अशिष्ट और कलंकात्मक प्रश्न पूछने से रोकने की शक्ति।

धारा 155 — अपमानित करने के लिए आशयित प्रश्न भी रोके जाएंगे।
📌 धारा 161 — साबित कथन Sec. 161 (NEW)
साबित कथन जो धारा 26 या 27 के अधीन सुसंगत है — साबित होने पर उसके खंडन के लिए या सम्पुष्टि के लिए सभी बातें साबित की जा सकेंगी।
💪 धारा 168 — न्यायाधीश की शक्ति Sec. 168
न्यायालय की प्रश्न करने या पेश करने का आदेश देने की शक्ति

न्यायाधीश किसी भी साक्षी से कोई भी प्रश्न किसी भी रूप में पूछ सकता है।
धारा 149 (Sec. 149) — बलात्संग पीड़िता की प्रतिपरीक्षा:
BNS 2023 की धारा 64, 65, 66, 67, 68, 69, 70 या 71 अपराधों के सम्बन्ध में — पीड़िता की प्रतिपरीक्षा में व्यभिचार या पूर्व लैंगिक अनुभव की सम्मति के सम्बन्ध में न तो कोई साक्ष्य दिया जाएगा और न ही कोई प्रश्न किया जायेगा।
📊

BSA 2023 vs IEA 1872 — तुलना

Key Differences & New Additions
Comparison
विषय 🆕 BSA 2023 📜 IEA 1872
कुल धाराएँ 170 167
कुल भाग 4 भाग 3 भाग
कुल अध्याय 12 अध्याय 11 अध्याय
प्रभावी तिथि 1 July 2024 1 September 1872
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नए विस्तृत प्रावधान (Sec. 61–63, 66, 73, 85–90) Sec. 65A, 65B (बाद में जोड़े)
पति-पत्नी साक्षी Sec. 126 — नया विशेष प्रावधान Sec. 120 में था
डिजिटल हस्ताक्षर Sec. 66, 73, 85, 86, 87 कम प्रावधान
नया अध्याय अध्याय 12 — निरसन और व्यावृत्ति नहीं था
Sec. 45A IEA → BSA Sec. 39(2) — इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षक Sec. 45A
संस्वीकृति (Confession) Sec. 22, 23, 24 Sec. 24, 25, 26

शीघ्र पुनरावृत्ति | Quick Revision

Most Important Sections for UP APO

🎯 UP APO परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण धाराएँ

  • Sec. 2 — सभी परिभाषाएँ (साक्ष्य, तथ्य, दस्तावेज, सुसंगत, साबित)
  • Sec. 3–14 — तथ्यों की सुसंगति (Plea of Alibi = Sec. 9)
  • Sec. 15–25 — स्वीकृति (Admissions)
  • Sec. 22–24 — संस्वीकृति (Confessions) — Police Confession
  • Sec. 26 — मृत्युकालिक कथन (Dying Declaration)
  • Sec. 39 — विशेषज्ञों की राय (Expert Opinion)
  • Sec. 51–53 — न्यायिक अवेक्षणीय तथ्य (Judicial Notice)
  • Sec. 57–60 — प्राथमिक व द्वितीयक साक्ष्य
  • Sec. 74 — लोक व प्राईवेट दस्तावेज
  • Sec. 92 — 30 वर्ष पुराने दस्तावेज
  • Sec. 104–109 — सबूत का भार
  • Sec. 115–120 — विशेष उपधारणाएँ
  • Sec. 121–123 — विबन्ध (Estoppel)
  • Sec. 124–139 — साक्षी (Witnesses)
  • Sec. 142–168 — साक्षियों की परीक्षा
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मेमोरी ट्रिक्स संग्रह | Memory Tricks Collection

All Tricks at a Glance
🎯 BSA की संरचना
याद करें: "4 भाग 12 अध्याय 170 धाराएँ"
Trick: "4×12=48 नहीं, बल्कि 170" — अलग-अलग याद करें

4 भाग:
Part 1 = Facts की सुसंगति (3–50)
Part 2 = Proof (51–103)
Part 3 = Production (104–120)
Part 4 = Chapter 8–12 (121–170)
🔑 Sec. 2 परिभाषाएँ
"न नि ना द साक्ष त वि उ साबित सु उ"
(a) ्यायालय
(b) निश्चायक सबूत
(c) नासाबित
(d) स्तावेज
(e) साक्ष्य
(f) थ्य
(g) विवाद्यक तथ्य
(h) पधारणा कर सकेगा
(i) साबित नहीं हुआ
(j) सुसांगत
(l) पधारणा करेगा
⚖️ Burden of Proof
Factum Probandum vs Factum Probans:
Probandum = Proved करना जो है
Probans = Proving करने वाला तथ्य

104 = General Rule
105 = Fails = भार उठाए
106 = Specific = जो मांगे
108 = Exception = Accused साबित करे
109 = RES IPSA = स्वयं प्रमाण
📜 Dying Declaration
"मरते वक्त झूठ नहीं"
= Nemo moriturus praesumitur mentiri
(मरने वाला झूठ नहीं बोलता माना जाता)

8 परिस्थितियाँ याद करें:
"मृत्यु कार, हित, लोक, नाता, कुटुम्ब, दस्तावेज, भावना"
🚨 Police Confession
RAM Rule:
Rule = पुलिस को confession invalid
Absolutely needs Magistrate
Material discovery = Valid

ध्यान दें: Sec. 23 का परन्तुक सबसे महत्वपूर्ण है — "तलाशा जाने वाला हिस्सा सुसंगत"
🛑 Estoppel (विबन्ध)
4E Rule:
Express representation (वचन/व्यपदेशन)
Expected to rely (विश्वास का होना)
Execution of act (अहित में कार्य)
Estopped (रोक दिया जाता है)

3 प्रकार: Record, Deed, Conduct
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अध्यायवार सारांश | Chapter-wise Summary

BSA 2023 — Complete Structure
भाग/अध्याय विषय धाराएँ मुख्य बिंदु
भाग 1, अध्याय 1 प्रारम्भिकी 1–2 परिभाषाएँ, लागू होना
भाग 2, अध्याय 2 तथ्यों की सुसंगति 3–50 Relevancy of Facts
भाग 3, अध्याय 3 तथ्य — साबित करना आवश्यक नहीं 51–53 Judicial Notice
भाग 3, अध्याय 4 मौखिक साक्ष्य 54–55 Oral Evidence
भाग 3, अध्याय 5 दस्तावेजी साक्ष्य 56–93 Documentary Evidence
भाग 3, अध्याय 6 दस्तावेजी द्वारा मौखिक का अपवर्जन 94–103 Exclusion of Oral by Documentary
भाग 4, अध्याय 7 सबूत का भार 104–120 Burden of Proof + Presumptions
भाग 4, अध्याय 8 विबन्ध 121–123 Estoppel
भाग 4, अध्याय 9 साक्षियों के विषय में 124–139 Witnesses
भाग 4, अध्याय 10 साक्षियों की परीक्षा 140–168 Examination of Witnesses
भाग 4, अध्याय 11 साक्ष्य के अनुचित ग्रहण/अग्रहण 169 Improper Admission/Rejection
भाग 4, अध्याय 12 निरसन और व्यावृत्ति 170 Repeal of IEA 1872
📚 महत्वपूर्ण लैटिन सूक्तियाँ | Important Latin Maxims
Consuetudo est altera lex रूढ़ि भी एक विधि है (Custom is also law) Sec. 11
Res ipsa loquitor स्वयं प्रमाण (The thing speaks for itself) Sec. 109
Nemo moriturus praesumitur mentiri मरने वाला झूठ नहीं बोलता Sec. 26
Lex fori जहाँ कार्यवाही हो वहाँ की विधि BSA प्रकृति
Factum Probandum जो तथ्य साबित किया जाना है Sec. 104
Judgement in rem लोकलक्षी निर्णय (Binding on all) Sec. 35
Judgement in personam व्यक्तिलक्षी निर्णय (Binding on parties) Sec. 35
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