भारतीय साक्ष्य
अधिनियम, 2023
2024
परिचय | Introduction
- प्रक्रियात्मक विधि है (Procedural Law)
- भूतलक्षी प्रभाव (Retrospective Effect) रखती है
- लेक्स फोरी (Lex Fori) — जहाँ कार्यवाही हो वहाँ की विधि
- सिविल एवं आपराधिक दोनों मामलों में लागू
- सेना न्यायालय (Army Courts) — Sec. 1(2) लागू
- शपथपत्र (Affidavits) — लागू नहीं
- मध्यस्थम् कार्यवाही (Arbitration) — लागू नहीं
परिभाषाएँ | Definitions
⚡ धारा 2 की परिभाषाओं का मानचित्र (Section 2 Map)
न्यायालय
निश्चायक सबूत
नासाबित
दस्तावेज
साक्ष्य
तथ्य
विवाद्यक तथ्य
उपधारणा कर सकेगा
साबित नहीं हुआ
साबित
सुसंगत
उपधारणा करेगा
⚠️ मध्यस्थ (Arbitrator) न्यायालय नहीं है!
Conclusive Proof Sec. 2(b)
विपरीत साक्ष्य देने की अनुमति नहीं।
2. दस्तावेजी साक्ष्य — न्यायालय के निरीक्षण के लिए पेश दस्तावेज (इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख सहित)
2. कोई मानसिक दशा, जिसका भान किसी व्यक्ति को हो
Fact in Issue Sec. 2(g)
| Sec. 2(h) उपधारणा कर सकेगा |
MAY presume — न्यायालय का विवेकाधिकार (Discretionary) |
| Sec. 2(l) उपधारणा करेगा |
SHALL presume — न्यायालय का कर्तव्य (Mandatory) |
तथ्यों की सुसंगति | Relevancy of Facts
📊 अध्याय 2 की संरचना (Structure of Chapter 2)
(Relevancy)
(Admissions)
(Special Statements)
में कथन
निर्णय
की राय
सुसंगत है
सुसंगत तथ्य हमेशा ग्राह्य नहीं होता। सुसंगतता विषय-संबंध दर्शाती है, जबकि ग्राह्यता विधिक स्वीकार्यता।
किसी वाद में विवाद्यक तथ्यों के और उन तथ्यों के, जिन्हें एतस्मिनपश्चात् सुसंगत घोषित किया गया है, अस्तित्व या अनस्तित्व का साक्ष्य दिया जा सकता है, अन्यों का नहीं।
⚡ यह अनुश्रुत साक्ष्य नियम का अपवाद है।
धारा 6: विवाद्यक/सुसंगत तथ्य का हेतु, तैयारी, पूर्व या पश्चात् का आचरण दर्शाने वाले तथ्य सुसंगत।
🔵 शिनाख्त परेड — पुलिस अधिकारी, मजिस्ट्रेट या कोई भी नागरिक ले सकता है।
✅ Plea of Alibi से जुड़े हों
उदाहरण: हत्या के दिन अभियुक्त उस स्थान पर नहीं था।
तीन प्रकार की रूढ़ि: सामान्य, व्यक्तिगत, सार्वजनिक
"3 से बात, 4 संव्यवहार, 5 हेतु-परिणाम, 6 तैयारी, 7 स्पष्टीकरण, 8 षड्यंत्र, 9 अन्यत्र, 10 न्यायालय की मदद, 11 रूढ़ि, 12 मन-शरीर, 13 आकस्मिक, 14 कारोबार"
SHORT: "बात संव्यवहार हेतु तैयारी स्पष्ट षड्यंत्र अन्यत्र न्याय रूढ़ि मन आकस्मिक कारोबार"
स्वीकृति | Admissions
स्वीकृति वह मौखिक, दस्तावेजी या इलेक्ट्रॉनिक रूप में अन्तर्विष्ट कथन है जो किसी विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य के बारे में अनुमान इंगित करता है और जो धारा 16, 17 व 18 में वर्णित व्यक्तियों में से किसी के द्वारा किया गया हो।
- Sec. 16 — कार्यवाही के पक्षकार या उसके अभिकर्ता
- Sec. 17 — उन व्यक्तियों द्वारा जिनकी स्थिति पक्षकारों के विरुद्ध साबित होनी चाहिए
- Sec. 18 — पक्षकार द्वारा अभिव्यक्त निर्दिष्ट व्यक्तियों द्वारा
- सामान्य नियम: स्वीकृति स्वीकृतिकर्ता के विरुद्ध साबित की जाती है
- Sec. 19 — अपवाद: कुछ परिस्थितियों में स्वीकृति उसे करने वाले के द्वारा भी साबित की जा सकती है
- Sec. 25 — स्वीकृतियाँ निश्चायक सबूत नहीं, किन्तु विबन्ध कर सकती हैं
संस्वीकृति | Confessions
अधिनियम में संस्वीकृति की कोई परिभाषा नहीं है। यह स्वीकृति का एक हिस्सा है — किसी अपराध को स्वीकार कर लेना ही संस्वीकृति (Confession) है।
🚦 धारा 22 — संस्वीकृति कब विसंगत? (When Confession Irrelevant?)
संस्वीकृति
संस्वीकृति
की गई संस्वीकृति
IRRELEVANT/विसंगत
प्रभाव दूर हो जाने के
पश्चात् की गई — तो RELEVANT/सुसंगत
🔑 धारा 23 — पुलिस संस्वीकृति (Section 23 — Police Confession)
- नियम 1: पुलिस से की गई कोई भी संस्वीकृति अभियुक्त के विरुद्ध साबित नहीं की जायेगी।
- नियम 2: पुलिस की अभिरक्षा में की गई संस्वीकृति साबित नहीं होगी, जब तक मजिस्ट्रेट की साक्षात् उपस्थिति में न की गई हो।
- ⚡ महत्वपूर्ण परन्तुक: अभियुक्त से प्राप्त जानकारी से जो किसी को तलाशा जाता है वह सुसंगत होगा — चाहे वह संस्वीकृति हो अथवा न हो।
"पुलिस की राम (RAM) नहीं मानती"
Rule = पुलिस को दी गई confession valid नहीं
Absolutely needs Magistrate = अभिरक्षा में मजिस्ट्रेट चाहिए
Material discovery = मिली हुई चीज़ें सुसंगत होंगी
धारा 24 — सह अभियुक्त (Co-accused):
जब एक से अधिक को एक ही/कई अपराधों के लिए संयुक्त विचारण हो → सह अभियुक्त की संस्वीकृति दूसरे को प्रभावित करती है।
मृत्युकालिक कथन | Dying Declaration
वे दशायें जिनमें मर गए या मिल नहीं सकते आदि व्यक्ति द्वारा सुसंगत तथ्य का किया गया कथन सुसंगत है।
मृत्युकालिक कथन धारा 26(1) में परिभाषित है।
✅ दीवानी एवं दाण्डिक दोनों मामलों में ग्राह्य
- मृत्यु के कारण से सम्बन्धित
- कारोबार के अनुक्रम में
- करने वाले के हित के विरुद्ध
- लोक अधिकार/रूढ़ि/साधारण हित
- नातेदारी के अस्तित्व से सम्बन्धित
- कौटुम्बिक विल या विलेख में
- धारा 11 के संव्यवहार से जुड़े दस्तावेज में
- कई व्यक्तियों द्वारा किया गया भावनायें
मैथ्यू अरनाल्ड: "कोई व्यक्ति मरते समय अपने मुंह में झूठ लेकर नहीं जाना चाहता।"
दस्तावेजी साक्ष्य | Documentary Evidence
7 Explanations:
1. मूल कई प्रतियों में — प्रत्येक प्राथमिक
2. प्रतिलेख (Counterpart)
3. रूपात्मक प्रक्रिया से बने दस्तावेज
4. इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल फाइल
5. समुचित अभिरक्षा में इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख
6. वीडियो रिकार्डिंग
7. कई स्थान पर भंडारित डिजिटल अभिलेख
1. प्रमाणित प्रतिलिपियाँ
2. यांत्रिक प्रक्रिया से प्रतिलिपियाँ
3. तुलना की गई प्रतिलिपियाँ
4. दस्तावेजों के प्रतिलेख
5. अन्तर्वस्तुओं का मौखिक वृतान्त
6. मौखिक स्वीकृतियाँ
7. लिखित स्वीकृतियाँ
8. विशेषज्ञ का बयान
"Primary = Present करो ORIGINAL" — मूल दस्तावेज खुद पेश करो
"Secondary = Substitute" — जब मूल नहीं मिले तब विकल्प
जब Secondary दे सकते हैं? — जब दस्तावेज का अस्तित्व, स्थिति या अन्तर्वस्तु प्रश्नांकित हो।
- प्रभुता सम्पन्न प्राधिकारी के
- शासकीय निकायों और अधिकारणों के
- भारत/विदेश में विधायी, न्यायिक, कार्यपालक लोक अधिकारियों के कार्य
- किसी राज्य/संघ राज्यक्षेत्र में रखे प्राईवेट दस्तावेजों के लोक अभिलेख
- लोक दस्तावेज के अलावा सभी
- संविदा, दान-पत्र
- बंधक विलेख
- अपंजीकृत पारिवारिक बंटवारा
- दत्तक विलेख
- शव परीक्षण रिपोर्ट
तीस वर्ष पुराने दस्तावेजों के बारे में उपधारणा होती है यदि:
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य | Electronic Evidence
सबूत का भार | Burden of Proof
⚖️ सबूत के भार की संरचना (Structure of Burden of Proof)
सबूत का भार
(General Rule)
भार किस पर?
जो असफल हो जाये
विशिष्ट तथ्य
जो मांगे
साक्ष्य ग्राह्य
के लिए
अपवाद में आना
अभियुक्त साबित करे
विशेषतः ज्ञात तथ्य
res ipsa loquitor
विशेष उपधारणाएँ
💡 जिस तथ्य को साबित करना है — "Factum Probandum" कहते हैं।
⚡ सबूत का भार = सबूत पेश करने का भार — यह विचारण के दौरान सदैव बदलता रहता है।
💡 Res Ipsa Loquitor = "स्वंय प्रमाण"
| धारा | विषय | विशेष बात |
|---|---|---|
| 115 | कतिपय अपराधों के बारे में उपधारणा | POCSO सम्बन्धित अपराध |
| 116 | विवाहित स्थिति में जन्म — धर्मजत्व का निश्चायक सबूत | विवाह जारी रहते + 280 दिन के भीतर |
| 117 | विवाहिता स्त्री द्वारा आत्महत्या के दुष्प्रेरण की उपधारणा | Sec. 64 BNS से सम्बन्धित |
| 118 | दहेज मृत्यु की उपधारणा | Sec. 80 BNS — दहेज मृत्यु |
| 119 | न्यायालय किन्हीं तथ्यों का अस्तित्व उपधारित कर सकेगा | May Presume |
| 120 | बलात्संग — सम्मति के न होने की उपधारणा | Sec. 63, 64 BNS |
115 = कुछ अपराध (POCSO)
116 = विवाह में जन्म (Legitimacy)
117 = आत्महत्या दुष्प्रेरण (विवाहिता)
118 = दहेज मृत्यु
119 = न्यायालय — May Presume
120 = बलात्संग — No Consent presumed
विबन्ध | Estoppel
विबन्ध = अंग्रेजी के "Estoppel" का हिन्दी रूपान्तर। अर्थ है — रोक देना।
जब किसी व्यक्ति ने किसी तथ्य के बारे में कोई वचन दिया या व्यपदेशन किया और दूसरे ने उस पर विश्वास करके अपने अहित में कार्य किया — तो वह उस वचन/व्यपदेशन से मुकरने से निषिद्ध हो जाता है।
दाण्डिक कार्यवाही में लागू नहीं होता।
साक्षी | Witnesses
• कोमल वयस (बहुत छोटे)
• अति वार्धक्य (बहुत बूढ़े)
• शरीर/मन के रोग
से वे प्रश्न समझने या युक्तिसंगत उत्तर देने से निवारित हैं।
✅ खुले न्यायालय में दिया जाये
📹 न्यायालय में कथन की वीडियो फिल्म तैयार की जा सकती है
सभी सिविल कार्यवाही में पक्षकार + पत्नी/पति सक्षम साक्षी।
दाण्डिक विचारण में उस व्यक्ति का पति/पत्नी।
कोई दोषसिद्धि इसलिए अवैध नहीं कि वह किसी सह अपराधी के परिसाक्ष्य पर आधारित है।
| धारा | प्रकार | नोट |
|---|---|---|
| 127 | न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट | प्रकट करने से मना कर सकते हैं |
| 128 | विवाहित स्थिति में संसूचनाएँ | पति-पत्नी एक दूसरे के विरुद्ध नहीं |
| 129 | राज्य के क्रियाकलापों का साक्ष्य | राज्य के विवेकाधिकार में |
| 134 | विधि सलाहकारों की गोपनीय संसूचनाएँ | Attorney-Client Privilege |
| 137 | स्वयं को अपराध में फँसाने वाला उत्तर | साक्षी उत्तर देने से क्षम्य नहीं होगा |
साक्षियों की परीक्षा | Examination of Witnesses
🔄 परीक्षाओं का क्रम | Order of Examinations (Sec. 143)
Examination-in-Chief
बुलाने वाले पक्षकार द्वारा
Cross-Examination
प्रतिपक्षी द्वारा
Re-Examination
बुलाने वाले द्वारा
BSA 2023 में तीनों प्रकार की परीक्षाओं का प्रावधान
✅ प्रतिपरीक्षा में पूछा जा सकता है।
❌ मुख्य परीक्षा/पुनःपरीक्षा में न्यायालय की अनुज्ञा बिना नहीं।
यह धारा पक्षद्रोही साक्षी के सम्बन्ध में प्रावधान करती है।
धारा 155 — अपमानित करने के लिए आशयित प्रश्न भी रोके जाएंगे।
न्यायाधीश किसी भी साक्षी से कोई भी प्रश्न किसी भी रूप में पूछ सकता है।
BNS 2023 की धारा 64, 65, 66, 67, 68, 69, 70 या 71 अपराधों के सम्बन्ध में — पीड़िता की प्रतिपरीक्षा में व्यभिचार या पूर्व लैंगिक अनुभव की सम्मति के सम्बन्ध में न तो कोई साक्ष्य दिया जाएगा और न ही कोई प्रश्न किया जायेगा।
BSA 2023 vs IEA 1872 — तुलना
| विषय | 🆕 BSA 2023 | 📜 IEA 1872 |
|---|---|---|
| कुल धाराएँ | 170 | 167 |
| कुल भाग | 4 भाग | 3 भाग |
| कुल अध्याय | 12 अध्याय | 11 अध्याय |
| प्रभावी तिथि | 1 July 2024 | 1 September 1872 |
| इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य | नए विस्तृत प्रावधान (Sec. 61–63, 66, 73, 85–90) | Sec. 65A, 65B (बाद में जोड़े) |
| पति-पत्नी साक्षी | Sec. 126 — नया विशेष प्रावधान | Sec. 120 में था |
| डिजिटल हस्ताक्षर | Sec. 66, 73, 85, 86, 87 | कम प्रावधान |
| नया अध्याय | अध्याय 12 — निरसन और व्यावृत्ति | नहीं था |
| Sec. 45A IEA → BSA | Sec. 39(2) — इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षक | Sec. 45A |
| संस्वीकृति (Confession) | Sec. 22, 23, 24 | Sec. 24, 25, 26 |
शीघ्र पुनरावृत्ति | Quick Revision
🎯 UP APO परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण धाराएँ
- Sec. 2 — सभी परिभाषाएँ (साक्ष्य, तथ्य, दस्तावेज, सुसंगत, साबित)
- Sec. 3–14 — तथ्यों की सुसंगति (Plea of Alibi = Sec. 9)
- Sec. 15–25 — स्वीकृति (Admissions)
- Sec. 22–24 — संस्वीकृति (Confessions) — Police Confession
- Sec. 26 — मृत्युकालिक कथन (Dying Declaration)
- Sec. 39 — विशेषज्ञों की राय (Expert Opinion)
- Sec. 51–53 — न्यायिक अवेक्षणीय तथ्य (Judicial Notice)
- Sec. 57–60 — प्राथमिक व द्वितीयक साक्ष्य
- Sec. 74 — लोक व प्राईवेट दस्तावेज
- Sec. 92 — 30 वर्ष पुराने दस्तावेज
- Sec. 104–109 — सबूत का भार
- Sec. 115–120 — विशेष उपधारणाएँ
- Sec. 121–123 — विबन्ध (Estoppel)
- Sec. 124–139 — साक्षी (Witnesses)
- Sec. 142–168 — साक्षियों की परीक्षा
मेमोरी ट्रिक्स संग्रह | Memory Tricks Collection
Trick: "4×12=48 नहीं, बल्कि 170" — अलग-अलग याद करें
4 भाग:
Part 1 = Facts की सुसंगति (3–50)
Part 2 = Proof (51–103)
Part 3 = Production (104–120)
Part 4 = Chapter 8–12 (121–170)
(a) न्यायालय
(b) निश्चायक सबूत
(c) नासाबित
(d) दस्तावेज
(e) साक्ष्य
(f) तथ्य
(g) विवाद्यक तथ्य
(h) उपधारणा कर सकेगा
(i) साबित नहीं हुआ
(j) सुसांगत
(l) उपधारणा करेगा
Probandum = Proved करना जो है
Probans = Proving करने वाला तथ्य
104 = General Rule
105 = Fails = भार उठाए
106 = Specific = जो मांगे
108 = Exception = Accused साबित करे
109 = RES IPSA = स्वयं प्रमाण
= Nemo moriturus praesumitur mentiri
(मरने वाला झूठ नहीं बोलता माना जाता)
8 परिस्थितियाँ याद करें:
"मृत्यु कार, हित, लोक, नाता, कुटुम्ब, दस्तावेज, भावना"
Rule = पुलिस को confession invalid
Absolutely needs Magistrate
Material discovery = Valid
ध्यान दें: Sec. 23 का परन्तुक सबसे महत्वपूर्ण है — "तलाशा जाने वाला हिस्सा सुसंगत"
Express representation (वचन/व्यपदेशन)
Expected to rely (विश्वास का होना)
Execution of act (अहित में कार्य)
Estopped (रोक दिया जाता है)
3 प्रकार: Record, Deed, Conduct
अध्यायवार सारांश | Chapter-wise Summary
| भाग/अध्याय | विषय | धाराएँ | मुख्य बिंदु |
|---|---|---|---|
| भाग 1, अध्याय 1 | प्रारम्भिकी | 1–2 | परिभाषाएँ, लागू होना |
| भाग 2, अध्याय 2 | तथ्यों की सुसंगति | 3–50 | Relevancy of Facts |
| भाग 3, अध्याय 3 | तथ्य — साबित करना आवश्यक नहीं | 51–53 | Judicial Notice |
| भाग 3, अध्याय 4 | मौखिक साक्ष्य | 54–55 | Oral Evidence |
| भाग 3, अध्याय 5 | दस्तावेजी साक्ष्य | 56–93 | Documentary Evidence |
| भाग 3, अध्याय 6 | दस्तावेजी द्वारा मौखिक का अपवर्जन | 94–103 | Exclusion of Oral by Documentary |
| भाग 4, अध्याय 7 | सबूत का भार | 104–120 | Burden of Proof + Presumptions |
| भाग 4, अध्याय 8 | विबन्ध | 121–123 | Estoppel |
| भाग 4, अध्याय 9 | साक्षियों के विषय में | 124–139 | Witnesses |
| भाग 4, अध्याय 10 | साक्षियों की परीक्षा | 140–168 | Examination of Witnesses |
| भाग 4, अध्याय 11 | साक्ष्य के अनुचित ग्रहण/अग्रहण | 169 | Improper Admission/Rejection |
| भाग 4, अध्याय 12 | निरसन और व्यावृत्ति | 170 | Repeal of IEA 1872 |
| Consuetudo est altera lex | रूढ़ि भी एक विधि है (Custom is also law) | Sec. 11 |
| Res ipsa loquitor | स्वयं प्रमाण (The thing speaks for itself) | Sec. 109 |
| Nemo moriturus praesumitur mentiri | मरने वाला झूठ नहीं बोलता | Sec. 26 |
| Lex fori | जहाँ कार्यवाही हो वहाँ की विधि | BSA प्रकृति |
| Factum Probandum | जो तथ्य साबित किया जाना है | Sec. 104 |
| Judgement in rem | लोकलक्षी निर्णय (Binding on all) | Sec. 35 |
| Judgement in personam | व्यक्तिलक्षी निर्णय (Binding on parties) | Sec. 35 |