पुलिस अधिनियम 1861 एवं विनियम | UP APO Exam 2026 | Kritika BALLB

पुलिस अधिनियम 1861 - UP APO Notes | Kritika BALLB
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Police Act 1861 & UP Police Regulation

पुलिस अधिनियम, 1861 एवं उ.प्र. पुलिस रेगुलेशन

UP APO / PCS-J परीक्षा के लिए सम्पूर्ण नोट्स • रंगीन चार्ट • Trick & Analogy सहित

▶️ Kritika BALLB
01
सामान्य परिचय | General Introduction
Police Act 1861 — Overview
📅 पारित तिथि
22 मार्च, 1861
वाइसराय लॉर्ड कैनिंग द्वारा हस्ताक्षरित
🎯 Trick
"22 मार्च = 22/3 → Act No. 5 of 1861"
याद रखें: 22-3-5 (तारीख-माह-अधिनियम संख्या)
📋 मुख्य तथ्य
  • अधिनियम संख्या: Act No. 5
  • कुल धाराएं: 47
  • कोई अध्याय/भाग नहीं
  • सेन्ट्रल असेम्बली द्वारा पारित
  • 1857 के विद्रोह के बाद बना
🎯 उद्देश्य (3 लक्ष्य)
1️⃣ पुलिस बल का पुनर्गठन
2️⃣ अपराधों की निवारण
3️⃣ अन्वेषण में दक्षता
🧠 Analogy — समझने का तरीका
पुलिस अधिनियम, 1861 को एक "Army Constitution" की तरह समझें — जैसे सेना के लिए नियम होते हैं, वैसे ही यह अधिनियम पुलिस बल के संगठन, अनुशासन और शक्तियों का खाका तैयार करता है। 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों को एहसास हुआ कि एक मजबूत, संगठित और आज्ञाकारी पुलिस बल जरूरी है।
🗺️ विस्तार एवं प्रवर्तन (Section 46)
  • यह स्वतः किसी राज्य में लागू नहीं होगा
  • सरकार द्वारा अधिसूचना जारी होने पर लागू
  • कुछ प्रयोजनों के लिए भी लागू हो सकता है
  • राज्य सरकार नियम बना व संशोधित कर सकेगी
🎯 Trick for Section 46
"46 = चालीस छः = चालाकी से लागू"
यह Act खुद नहीं आता, बुलाना पड़ता है (Notification से) — जैसे मेहमान बिना बुलाए नहीं आते!
02
महत्वपूर्ण परिभाषाएं | Key Definitions
Section 1 — 11 Terms Defined
📌 Section 1 में कुल 11 पद परिभाषित हैं — परीक्षा में इनसे प्रश्न अवश्य आते हैं!
🎯 11 परिभाषाएं याद करने की Trick
"जिमिस पुसाना मासढो पुनि"
जि=जिले का मजिस्ट्रेट | मि=मजिस्ट्रेट | =साधारण पुलिस जिला | पु=पुलिस | सा=साधारण पुलिस जिला | ना=नागरिक उड्डयन निदेशक | मा=मास | =सम्पत्ति | =ढोर | पु=पुलिस बल के अधीनस्थ | नि=निर्देश
1. जिले का मजिस्ट्रेट IMP
वह मुख्य अधिकारी जिस पर जिले की कार्यपालिका प्रशासन का भार हो — चाहे किसी भी पदनाम से जाना जाए (= District Magistrate / DM)
2. मजिस्ट्रेट
साधारण पुलिस जिले के वे व्यक्ति जो मजिस्ट्रेट की सभी या किन्हीं शक्तियों का प्रयोग करते हों
3. पुलिस IMP
इस अधिनियम के अधीन भर्ती किये गये सभी व्यक्ति (चाहे किसी भी पद पर हों)
4. साधारण पुलिस जिला
कोई प्रेसीडेन्सी, राज्य या स्थान या उसका भाग जहाँ यह अधिनियम प्रभावी किया गया हो
5. जिला अधीक्षक / जिला पुलिस अधीक्षक
सहायक जिला अधीक्षक या वह व्यक्ति जिसे राज्य सरकार के आदेश द्वारा जिले में SP के कर्तव्यों के पालन के लिए नियुक्त किया गया हो
6. सम्पत्ति IMP
केवल चल सम्पत्ति (जंगम सम्पत्ति) — धन या मूल्यवान प्रतिभूति। अचल सम्पत्ति शामिल नहीं!
7. नागरिक उड्डयन निदेशक
UP (संशोधन) 2001 द्वारा जोड़ा गया — नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी जिन्हें राज्य सरकार अधिसूचित करे
8. व्यक्ति
कम्पनी या निगम भी शामिल। विधिक व्यक्तियों को भी व्यक्ति माना गया है।
9. मास
कलेण्डर मास (Calendar Month) — ना कि चंद्र मास
10. ढोर IMP
सींग वाले ढोरों के अतिरिक्त: हाथी, ऊँट, घोड़े, गधे, खच्चर, भेड़ें, बकरियाँ, सुअर (8 प्रकार)
11. अधीनस्थ पंक्तियों के प्रति निर्देश
उप-अधीक्षक की पंक्ति के नीचे वाले सदस्यों के प्रति निर्देश
🎯 "ढोर" याद करने की Trick — 8 जानवर
"हाऊ-घ-ग-ख-भ-ब-सु"
हा=हाथी | =ऊँट | =घोड़े | =गधे | =खच्चर | भे=भेड़ें | =बकरियाँ | सु=सुअर
(सींग वाले बाहर, बाकी 8 अंदर)
03
बल का गठन | Constitution of Force
Section 2, 2A, 3 — Force & Supervision
⚡ पुलिस बल का गठन (Section 2)
  • किसी एक राज्य के अधीन समस्त पुलिस स्थापन = एक पुलिस बल
  • अधिकारियों/पुलिसजनों की संख्या व भर्ती की रीति → राज्य सरकार निर्धारित करेगी
  • वेतन और सेवा-शर्तें → राज्य सरकार द्वारा
✈️ नागरिक उड्डयन (Section 2A)
UP (संशोधन) अधिनियम, 2001 द्वारा जोड़ा गया
नागरिक उड्डयन कार्मिकों को पुलिस बल का सदस्य घोषित किया गया
  • वायुयानों का अनुरक्षण करेंगे
  • लखनऊ हवाई अड्डे की सुरक्षा करेंगे
  • प्रशासन → नागरिक उड्डयन महानिदेशक
🏛️ राज्य सरकार में अधीक्षण (Section 3) — Supervision Structure
⬇️
समस्त साधारण पुलिस जिलों में
पुलिस का अधीक्षण निहित
⬇️
⚠️ इस अधिनियम के उपबंधों के सिवाय कोई व्यक्ति या न्यायालय किसी पुलिस कर्मचारी को नियंत्रित करने के लिए सशक्त नहीं होगा
04
पुलिस महानिरीक्षक एवं शक्तियाँ | IGP & Powers
Section 4, 5, 7, 12 — Senior Officers
👮 पुलिस पदानुक्रम — Police Hierarchy (Section 4)
🌟 पुलिस महानिदेशक (DGP)
Section 4 | 1984 से सृजित
अपर महानिदेशक / क्षेत्रीय पुलिस महानिदेशक
उप-महानिरीक्षक (DIG)
सहायक महानिरीक्षक
पुलिस अधीक्षक (SP)
सहायक अधीक्षक / उप-अधीक्षक
निरीक्षक (Inspector)
उपनिरीक्षक (Sub-Inspector)
प्रधान कान्सटेबल → कान्सटेबल
⚖️ महानिरीक्षक की शक्तियाँ (Section 5)
साधारण पुलिस जिले में सर्वत्र पुलिस महानिरीक्षक को मजिस्ट्रेट की सम्पूर्ण शक्तियाँ प्राप्त होंगी।
⚠️ परन्तु इन शक्तियों का प्रयोग राज्य सरकार द्वारा अधिरोपित मर्यादाओं के अधीन रहकर करेगा।
Note: Section 6 — CrPC 1882 द्वारा विलोपित
📜 नियम बनाने की शक्ति (Section 12)
महानिदेशक, राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से नियम बना सकेगा —
  • बल का संगठन, वर्गीकरण, वितरण
  • सदस्यों के निवास-स्थान
  • आयुध, साज-सज्जा, आवश्यक वस्तुएं
  • गुप्तवार्ता और सूचना संग्रहण
  • कर्तव्यों के दुरूपयोग को रोकना
  • बल को दक्ष बनाने के लिए
🔴 अवर अधिकारियों की नियुक्ति एवं पदच्युति (Section 7)
अवर/अधीनस्थ पुलिस अधिकारी = उप-अधीक्षक के नीचे के सभी अधिकारी
5 प्रकार के दण्ड:
1
एक माह का वेतन जुर्माना
2
15 दिन क्वार्टर परिरोध
3
सदाचरण वेतन से वंचित
4
विशेष उपलब्धि पद से हटाना
5
वार्षिक वृद्धि या पदोन्नति रोकना
यह कार्रवाई कौन कर सकता है?
1. पुलिस महानिदेशक (DGP)
2. पुलिस महानिरीक्षक (IG)
3. पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG)
4. पुलिस सहायक महानिरीक्षक
5. पुलिस अधीक्षक (SP)
🛡️ अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को संविधान अनुच्छेद 311 के अधीन संरक्षण प्राप्त होगा।
05
प्रमाण-पत्र एवं निर्बन्धन | Certificates & Restrictions
Section 8, 8A, 9, 10, 20, 28
🪪 Section 8 — प्रमाण-पत्र
  • प्रत्येक पुलिस अधिकारी को नियुक्ति पर प्रमाण-पत्र मिलेगा
  • महानिदेशक / महानिरीक्षक द्वारा जारी
  • Section 4 के अधिकारियों को नहीं दिया जाएगा
  • पद छोड़ने पर तुरंत वापस करना होगा
✈️ Section 8A — नागरिक उड्डयन
प्रत्येक नागरिक उड्डयन कार्मिक को महानिदेशक नागरिक उड्डयन UP द्वारा प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।
🔒 Section 9 — पद त्याग
  • बिना इजाजत पद नहीं छोड़ सकते
  • जिला अधीक्षक की अनुमति आवश्यक
  • कम से कम 2 माह पूर्व लिखित सूचना
🚫 Section 10 — अन्य नियोजन पर प्रतिबन्ध
पुलिस अधिकारी महानिरीक्षक की अभिव्यक्ततः लिखित अनुज्ञा के बिना अपने कर्तव्यों से भिन्न कोई अन्य नियोजन नहीं करेगा।
⚖️ Section 20 — प्राधिकार पर निर्बन्धन
भर्ती किये गये पुलिस अधिकारी इस अधिनियम और CrPC को विनियमित करने के लिए उपबन्धित प्राधिकारी के सिवाय प्राधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे।
⚠️ Section 28 — प्रमाण-पत्र वापस न करने पर दण्ड
पुलिस अधिकारी न रहने पर प्रमाण-पत्र, वस्तु, साज-सज्जा आदि वापस न करने पर:
🔴 ₹200 तक जुर्माना या 6 माह तक कारावास (कठोर या श्रम सहित या रहित) या दोनों
06
पुलिस के कर्तव्य | Duties of Police
Section 22, 23, 24, 29
📋 Section 22 — सदैव कर्तव्यरूढ़
प्रत्येक पुलिस अधिकारी इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए सदैव कर्तव्यरूढ़ माना जाएगा और उसे किसी भी समय साधारण पुलिस जिले के किसी भी भाग में नियोजित किया जा सकेगा।
⭐ Section 23 — साधारण कर्तव्य (6 कर्तव्य)
  • सभी वैध आदेशों एवं वारंटों का पालन व निष्पादन
  • लोक शान्ति भंग करने वाली गुप्तवार्ताओं का संग्रह → उच्च अधिकारियों को सूचित करना
  • अपराधों और लोक न्यूसेंस का निवारण
  • अपराधियों का पता लगाना और गिरफ्तार करना
  • मदिरालय, जुआघर, भ्रष्ट/उच्छृंखल व्यक्तियों के समागम में बिना वारंट प्रवेश और निरीक्षण
🎯 Section 23 के 5 कर्तव्य — Trick: "वाल-गुन-अप-गिर-मद"
वा=वैध आदेश | गु=गुप्तवार्ता | =न्यूसेंस निवारण | अप=अपराधी गिरफ्तार | मद=मदिरालय में प्रवेश
🔴 Section 29 — कर्तव्यों की उपेक्षा के लिए दण्ड
निम्नलिखित आचरण करने पर दण्डनीय:
  • कर्तव्य का भंग
  • विधिपूर्ण आदेश का जानबूझकर/उपेक्षापूर्वक अपालन
  • बिना अनुमति / 2 माह पूर्व सूचना के पद त्याग
  • अवकाश के बाद उपस्थित न होना
  • अन्य नियोजन में होना
  • कायरता का दोषी
  • अभिरक्षाधीन व्यक्ति के विरुद्ध अवैध शारीरिक हिंसा
दण्ड: मजिस्ट्रेट के समक्ष दोषसिद्ध होने पर — 3 माह तक किसी भी भाँति के कारावास या 3 माह के वेतन के बराबर जुर्माना या दोनों
07
अतिरिक्त व विशेष पुलिस | Additional & Special Police
Section 13–19 — Extra & Special Police Officers
➕ Section 13 — व्यक्तिगत खर्च पर अतिरिक्त पुलिस
किसी व्यक्ति का
आवेदन
SP / सहायक IG /
जिला अधीक्षक
अतिरिक्त पुलिस
नियुक्ति
  • उद्देश्य: शान्ति व्यवस्था बनाए रखना
  • जिला मजिस्ट्रेट के साधारण निर्देशन में
  • भार → आवेदक पर
  • हटाने के लिए → 1 माह पूर्व लिखित सूचना
⭐ Section 17–19 — विशेष पुलिस अधिकारी
Section 17: जब कोई क्षेत्र में विधिविरुद्ध जमाव/शांति भंग हो या होने की सम्भावना हो और पुलिस बल पर्याप्त न हो
  • निरीक्षक से अनिम्न पंक्ति का पुलिस अधिकारी → निकटतम मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन
  • Section 18: विशेष पुलिस की शक्ति/विशेषाधिकार = साधारण पुलिस के समान
  • Section 19: सेवा से इनकार पर → ₹50 तक जुर्माना
🚂 Section 14 — रेल आदि पर अतिरिक्त बल
महानिदेशक, राज्य सरकार की सहमति से रेल, नहर, निर्माणशाला या अन्य लोककर्म की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सकेगा।
खर्च का भार → उस संस्था या संचालक पर जो ऐसे रेल, नहर आदि का नियंत्रण करता है।
⚠️ Section 15 — विक्षुब्ध/संकटपूर्ण जिलों में
  • राज्य सरकार → किसी क्षेत्र को विक्षुब्ध क्षेत्र घोषित कर सकती है
  • अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
  • खर्च → उस क्षेत्र के निवासियों द्वारा वहन
  • जिला मजिस्ट्रेट खर्च का वितरण करेगा
⚖️ Section 15A — पीड़ितों को प्रतिकर
धारा-15 में विक्षुब्ध क्षेत्र में दुराचरण से हुई मृत्यु, घोर उपहति, सम्पत्ति हानि के लिए → क्षति की तारीख से 3 माह के भीतर जिला मजिस्ट्रेट या उपखण्ड मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन
  • प्रतिकर केवल उन्हें जिनका कोई दोष न हो
  • मजिस्ट्रेट के आदेश के विरुद्ध → आयुक्त या राज्य सरकार द्वारा पुनरीक्षण
  • इस धारा के अधीन क्षति के लिए → कोई सिविल वाद नहीं चलेगा
🏘️ Section 21, 47 — ग्राम पुलिस अधिकारी
  • Section 21: आनुवांशिक या अन्य ग्राम पुलिस अधिकारी इस Act से प्रभावित नहीं (यदि भर्ती इस Act के अधीन नहीं)
  • किसी आनुवांशिक ग्राम पुलिस अधिकारी को केवल उसकी सम्मति से ही इस Act के अधीन भर्ती किया जाएगा
  • Section 47: राज्य सरकार घोषित कर सकेगी कि किसी ग्राम चौकीदार पर जिला मजिस्ट्रेट को प्राप्त प्राधिकार का प्रयोग जिला अधीक्षक कर सकेगा (जिला मजिस्ट्रेट के साधारण नियंत्रण में)
08
लावारिस सम्पत्ति | Unclaimed Property
Section 25, 26, 27
🔄 लावारिस सम्पत्ति प्रक्रिया Flow
पुलिस अधिकारी
Section 25
बिना दावे वाली सम्पत्ति भारसाधन में ले → DM को सूची दे
⬇️
जिला मजिस्ट्रेट (DM)
Section 26
सम्पत्ति निरुद्ध करे + दावे के लिए उद्घोषणा निकाले
⬇️
6 माह के भीतर दावा
VS
6 माह में कोई दावा नहीं
⬇️
दावेदार को सम्पत्ति मिलेगी
Section 27: DM के आदेश के अधीन बिक्री
⚠️ CrPC Section 459 भी देखें
🎯 Trick: "25-26-27 = ले-घोष-बेच"
25 = पुलिस लेती है (Take) | 26 = DM घोषणा निकालता है (Announce) | 27 = बिना दावे के बेच देते हैं (Sell)
09
लोक जमावों पर शान्ति व्यवस्था | Public Order
Section 30, 30A, 31, 32, 32A, 32B, 33
🎪 Section 30 — जमावों/जुलूसों का विनियमन
पुलिस का जिला अधीक्षक या सहायक जिला अधीक्षक —
  • लोक सड़क या आम मार्ग पर जमाव/जुलूसों को निर्देशित करेगा
  • मार्गों को चिह्नित करेगा, समय निश्चित करेगा
  • खतरे की स्थिति में → अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन करने हेतु कहेगा
  • अनुज्ञप्ति की शर्तें उल्लेख करते हुए अनुज्ञप्ति दे सकेगा
  • कोई फीस नहीं ली जाएगी
  • त्यौहारों पर मार्गों में संगीत की मात्रा तय करेगा
⚔️ Section 32A — सामूहिक ड्रिल पर निषेध
जिला मजिस्ट्रेट — लोक सुरक्षा परिशान्ति बनाए रखने के लिए अपने क्षेत्र में अस्त्र लेकर सामूहिक ड्रिल/प्रशिक्षण को प्रतिबन्धित कर सकता है।
"अस्त्र" = लाठी, डण्डा, छड़ी, बेलचा भी शामिल
प्रतिबन्ध सामान्यतः 3 माह से अधिक नहीं (राज्य सरकार 6 माह तक बढ़ा सकती है)
💰 Section 32 — धाराओं के उल्लंघन पर दण्ड
धारा 30, 30A, 31 के आदेशों का उल्लंघन → दोषसिद्ध होने पर ₹200 तक जुर्माना
Section 32B: Section 32A का उल्लंघन → मजिस्ट्रेट के समक्ष 6 माह कारावास या ₹2000 जुर्माना या दोनों। यह संज्ञेय अपराध है।
🎯 Sections 32 vs 32B याद करने की Trick
32 = छोटा अपराध → ₹200 (दो सौ = छोटी राशि)
32B = बड़ा अपराध → ₹2000 + 6 माह जेल (ब़ड़ी राशि + जेल)
"B = Bigger = Badder punishment"
10
दण्ड एवं शमन | Penalties & Compounding
Section 34, 34A, 35, 36, 37, 42 — Offences & Punishments
🚦 Section 34 — सड़कों पर कुछ अपराध (9 प्रकार)
1. ढोर का वध / अत्यधिक सवारी/भार
2. जीव-जन्तु के साथ क्रूरता
3. अनुचित रीति से खड़ा कर लोगों को असुविधा
4. विक्रय के लिए वस्तु अभिदर्शित करना
5. मार्ग पर कर्कट, गंदगी, कूड़ा, मलबा, गोबर फेंकना
6. मत्त या बलवात्मक अवस्था में पाया जाना
7. शरीर का जानबूझकर अशिष्ट/घृणात्मक प्रदर्शन + तालाब में मल-मूत्र त्याग
8. कुएँ, तालाब आदि संरक्षण में उपेक्षा
दण्ड: 8 दिन कारावास या ₹50 जुर्माना
✅ पुलिस अधिकारी उपरोक्त अपराध करने वाले को बिना वारंट गिरफ्तार कर सकेगा
⚖️ Section 34A — शमन
  • Section 32 एवं 34 के अपराध शमनीय हैं
  • जिला पुलिस अधीक्षक → अभियोजन पूर्व या बाद शमन कर सकेगा
  • शुल्क-शुल्क → अधिकतम जुर्माने की सीमा से अधिक नहीं
  • शमन से → अभियोजन नहीं और हिरासत में है तो मुक्त
🏛️ Section 35 — मजिस्ट्रेट की अधिकारिता
सिपाही से पंक्ति के ऊपर के किसी पुलिस अधिकारी के विरुद्ध किसी आरोप की जाँच और अवधारण → मजिस्ट्रेट की शक्तियों के प्रयोग के लिए प्राधिकृत अधिकारी द्वारा ही किया जाएगा।
⚖️ Section 36 — अन्य विधि के अधीन अभियोजन
  • इस Act में दण्डनीय बात जो अन्य विधि में भी दण्डनीय हो → उस अन्य विधि के अधीन अभियोजन
  • अन्य विधि में अधिक दण्ड → उससे दण्डित
  • ⚠️ एक ही अपराध के लिए दो बार दण्डित नहीं
⏰ Section 42 — कार्यवाहियों के लिए परिसीमा
कोई कार्यवाही परिवादित कार्य किये जाने के 3 माह बाद नहीं की जाएगी।
अभियोग/कार्यवाही आरम्भ होने से कम से कम 1 माह पूर्व लिखित सूचना प्रतिवादी को पुलिस अधीक्षक/अतिरिक्त/सहायक अधीक्षक को दी जाएगी।
🎯 Trick: "42 = 3+1 = तीन महीने परिसीमा + एक महीने नोटिस"
42 के अंक जोड़ें: 4+2 = 6, लेकिन याद करें: 3 माह सीमा + 1 माह नोटिस (कुल = 4 महीने की प्रक्रिया)
🛡️ Section 43 — वारंट के अधीन कार्य का अभिवचन
किसी पुलिस अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही में वह अभिवचन कर सकेगा कि कार्य मजिस्ट्रेट द्वारा जारी वारंट के प्राधिकार के अधीन किया था। मजिस्ट्रेट की अधिकारिता में त्रुटि होने पर भी बचाव।
📔 Section 44 — सामान्य डायरी
  • थाने के प्रत्येक भारसाधक अधिकारी का कर्तव्य → जनरल डायरी रखना
  • सभी परिवाद, गिरफ्तारी, अपराध, आयुध, साक्षी विवरण
  • UP में → Police Form No. 217
  • UP Police Regulation Para 294-295
📊 Section 45 — विवरणियों का प्रारूप
राज्य सरकार, पुलिस महानिदेशक सहित अन्य पुलिस अधिकारियों को निर्देश दे सकेगी कि निर्धारित प्रारूप में क्रिया-कलापों की विवरणियाँ सरकार को भेजें।
11
उत्तर प्रदेश पुलिस रेगुलेशन | UP Police Regulation
General Introduction & Structure
📋 सामान्य परिचय
  • पुलिस स्थापन, प्रशासन, आन्तरिक क्रिया-कलाप, अनुशासन से संबंधित
  • संविधान की अनुसूची-7 के अनुसार 'पुलिस' → राज्य-सूची का विषय
  • उत्तर प्रदेश द्वारा पारित → U.P. Police Regulation
  • 4 भाग एवं 37 अध्याय
  • कुल 554 पैरा एवं 5 परिशिष्टियाँ
  • पुलिस अधिनियम 1861 एवं CrPC 1973 के साथ पठनीय
📚 4 भागों की संरचना
भाग-1: अधिकारियों की शक्तियाँ और कर्तव्य (अध्याय 1-9)
भाग-2: विशेष कर्तव्य (अध्याय 10-28)
भाग-3: आन्तरिक प्रशासन (अध्याय 29-34)
भाग-4: प्रशिक्षण (अध्याय 35-37)
🎯 Trick: "शक्ति-कर्तव्य-प्रशासन-प्रशिक्षण"
भाग 1→4 = श.क.प्र.प्र. (शरीर → कर्म → प्रशासन → प्रशिक्षण)
👮 आपराधिक प्रशासन में पुलिस की स्थिति (Para 397 & 398)
⬇️
राजपत्रित पुलिस अधिकारी
(Para 397)
महानिदेशक (DGP)
अतिरिक्त-महानिरीक्षक
उप-महानिरीक्षक (DIG)
अधीक्षक (SP)
सहायक अधीक्षक / उप-अधीक्षक
अराजपत्रित पुलिस अधिकारी
(Para 398)
निरीक्षक (Inspector)
उप-निरीक्षक (SI)
प्रधान-कान्सटेबल
कान्सटेबल
📌 UP Police Regulation के महत्वपूर्ण पैरा IMP for EXAM
Para No.विषयमुख्य बिन्दु
Para 1महानिदेशक एवं महानिरीक्षकDGP = सम्पूर्ण विभाग का प्रधान अधिकारी। 1981 में UP में 'DGP' पद का सृजन।
Para 6जिला मजिस्ट्रेटजिले के आपराधिक प्रशासन का प्रधान। पुलिस के कार्यों को नियंत्रित व निर्देशित करता है।
Para 7SP द्वारा DM को सूचनाक्षेत्र में घटित गम्भीर अपराधों आदि की जिला मजिस्ट्रेट को सूचना
Para 9DM द्वारा थाना निरीक्षणजिला मजिस्ट्रेट द्वारा पुलिस थाने का अर्द्धवर्ष में एक बार निरीक्षण
Para 12पुलिस अधीक्षकSP = जिला पुलिस बल का प्रधान; दक्षता, अनुशासन और कर्तव्यों के उत्तरदायी
Para 43उप-निरीक्षकथाने का भारसाधक अधिकारी; अपने प्रभार की सीमाओं में पुलिस प्रशासन संचालित
Para 89ग्राम चौकीदारगाँव का सेवक, जो जिला मजिस्ट्रेट के प्रति उत्तरदायी है
Para 97प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR)FIR दर्ज किये जाने से सम्बन्धित नियम
Para 99GD में FIR का सारजनरल डायरी में प्रथम सूचना का सार संक्षेप में लिखा जाना
Para 101लाल लिफाफे में विशेष सूचनासंगीन अपराधों की उच्चाधिकारियों को लाल लिफाफे में विशेष सूचना
Para 223ग्राम अपराध नोटबुकहर थाने पर रखा जाने वाला एक गोपनीय अभिलेख
Para 295GD में विषयसामान्य डायरी में अभिलिखित किये जाने वाले विषय
12
UP पुलिस संशोधन विनियम, 2022 | UP Police (Amendment) Regulation, 2022
Amendments to Para 114, New Para 139A, Para 144
📌 प्रस्तावना: पुलिस कार्रवाई या पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु के मामलों में मृतक के शव के चित्र को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सम्मिलित करने तथा पोस्टमार्टम की फोटोग्राफ और वीडियोग्राफी कराने के साथ-साथ अपराध स्थल का स्थल-योजना बनाने से सम्बन्धित प्रावधान।
✅ विनियमन 1 — नाम, विस्तार, प्रारंभ
  • नाम: UP पुलिस (संशोधन) विनियम, 2022
  • विस्तार: सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश
  • प्रारंभ: तत्काल प्रभाव से
🗺️ विनियमन 2 — Para 114 संशोधन
घटनास्थल महाजार/स्पॉट पंचनामा में शामिल होगा:
  • घटनास्थल
  • शव पाया गया स्थान
  • सामग्री प्रदर्शन / हथियार / रक्त के धब्बे स्थान
  • गोली के खोल / प्रभाव स्थान
  • प्रकाश का स्रोत
  • आस-पास की संरचनाएं (दीवारें, गड्ढे, बाड़, पेड़)
  • संरचनाओं की ऊँचाई और स्थान
📸 विनियमन 3 — नया Para 139A
पुलिस कार्रवाई या हिरासत में मृत्यु पर:
  • मजिस्ट्रेट/जाँच अधिकारी → अस्पताल को फोटोग्राफ/वीडियोग्राफी के लिए सूचित करेगा
  • पुलिस फोटोग्राफर / राज्य नामित / स्वतंत्र फोटोग्राफर
  • पंचनामा या जब्ती ज्ञापन के तहत जब्त
  • Evidence Act Section 65B प्रमाण-पत्र प्राप्त करना आवश्यक
  • अलग Memory Card पर संग्रहीत
📋 विनियमन 4 — Para 144 संशोधन (चिकित्सा अधिकारी रिपोर्ट)
चोट या पोस्टमार्टम रिपोर्ट की 3 प्रतियाँ:
1️⃣ मूल प्रति → पुलिस अधीक्षक को (सामान्य माध्यम से)
2️⃣ दूसरी प्रति → सीलबंद लिफाफे में घायल/शव के साथ आए कान्सटेबल को
3️⃣ तीसरी प्रति → चिकित्सा अधिकारी द्वारा कार्यालय प्रति के रूप में
शरीर का रेखाचित्र: प्रत्येक चिकित्सा विधिक प्रमाण पत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के पीछे मानव शरीर का मुद्रित प्रारूप होगा और यदि कोई चोट लगी हो तो उसे रेखाचित्र पर दर्शाया जाएगा।
मानव शरीर के मुद्रित प्रारूप में सामने और पीछे का दृश्य दोनों शामिल होंगे (Appendix HI-A के अनुसार)
Quick Reference — सभी महत्वपूर्ण धाराएं एक नजर में
Fast Revision Table for Exam
SectionविषयKey Point / दण्ड
Sec 1परिभाषाएं11 पद परिभाषित | सम्पत्ति = केवल चल सम्पत्ति | ढोर = 8 प्रकार (सींग वाले बाहर)
Sec 2पुलिस बल गठनएक राज्य = एक पुलिस बल | संख्या/भर्ती/वेतन = राज्य सरकार
Sec 2Aनागरिक उड्डयनUP संशोधन 2001 द्वारा जोड़ा | नागरिक उड्डयन कार्मिक = पुलिस बल सदस्य
Sec 3राज्य सरकार में अधीक्षणपुलिस का सर्वत्र अधीक्षण राज्य सरकार में निहित
Sec 4महानिदेशक/महानिरीक्षकDGP का पद 1984 UP संशोधन द्वारा
Sec 5IGP की शक्तियाँमजिस्ट्रेट की सम्पूर्ण शक्तियाँ (राज्य सरकार की मर्यादाओं के अधीन)
Sec 7अवर अधिकारी5 प्रकार के दण्ड | अनुच्छेद 311 संरक्षण
Sec 8प्रमाण-पत्रSection 4 अधिकारियों को नहीं | पद छोड़ने पर तुरंत वापस
Sec 9पद त्याग पर प्रतिबन्ध2 माह पूर्व लिखित सूचना | जिला अधीक्षक की अनुमति
Sec 12नियम बनाने की शक्तिDGP → राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से नियम
Sec 13अतिरिक्त पुलिसव्यक्ति के आवेदन पर | 1 माह पूर्व सूचना से हटाना
Sec 15विक्षुब्ध जिलेक्षेत्र के निवासियों पर खर्च
Sec 15Aपीड़ित को प्रतिकर3 माह के भीतर आवेदन | कोई सिविल वाद नहीं
Sec 17विशेष पुलिस नियुक्तिपुलिस बल अपर्याप्त होने पर
Sec 19विशेष पुलिस सेवा इनकार₹50 तक जुर्माना
Sec 21ग्राम पुलिसकेवल सम्मति से भर्ती
Sec 22सदैव कर्तव्यरूढ़किसी भी भाग में नियोजन
Sec 23साधारण कर्तव्य5 कर्तव्य | बिना वारंट मदिरालय प्रवेश
Sec 25लावारिस सम्पत्तिपुलिस → भारसाधन में ले + DM को सूची
Sec 26DM की कार्यवाही6 माह के भीतर दावा (CrPC Sec 459)
Sec 28प्रमाण-पत्र वापस न करना₹200 जुर्माना या 6 माह कारावास
Sec 29कर्तव्य उपेक्षा दण्ड3 माह कारावास या 3 माह वेतन जुर्माना
Sec 30जमाव/जुलूस विनियमनकोई फीस नहीं | त्यौहारों पर संगीत मात्रा
Sec 32उल्लंघन दण्ड₹200 जुर्माना
Sec 32Aड्रिल निषेध3 माह (6 माह तक) | अस्त्र = लाठी भी
Sec 32B32A उल्लंघन दण्ड6 माह जेल या ₹2000 | संज्ञेय अपराध
Sec 34सड़क अपराध8 दिन जेल या ₹50 जुर्माना | बिना वारंट गिरफ्तार
Sec 34AशमनSec 32 & 34 शमनीय | SP द्वारा
Sec 42परिसीमा3 माह सीमा + 1 माह पूर्व नोटिस
Sec 43वारंट अभिवचनमजिस्ट्रेट की त्रुटि पर भी बचाव
Sec 44जनरल डायरीUP Form No. 217 | Para 294-295
Sec 46विस्तारअधिसूचना से लागू | स्वतः नहीं
Sec 47ग्राम पुलिस पर जिला अधीक्षकDM के साधारण नियंत्रण में SP का प्राधिकार
💡
परीक्षा उपयोगी Tricks का संग्रह | Exam Tricks Summary
Memory Tricks & Analogies
🎯 Act की मूल संख्याएं
"22-3-5-47"
22 मार्च (पारित तिथि) → Act No. 5 → कुल 47 धाराएं
"22-3 = मार्च 22 को, 5 नम्बर वाला Act, जिसमें 47 धाराएं"
🎯 लावारिस सम्पत्ति Trick
"25-26-27 = ले-घोष-बेच"
25 = पुलिस ले (Take) | 26 = DM घोषणा (Declare) | 27 = बेच (Sell)
6 माह में दावा न हो तो बेच दो!
🎯 दण्ड की रकमें याद करें
₹50 = Sec 19 (विशेष पुलिस इनकार) | ₹50 = Sec 34 (सड़क अपराध)
₹200 = Sec 28 (प्रमाण-पत्र) | ₹200 = Sec 32 (जमाव)
₹2000 = Sec 32B (ड्रिल निषेध उल्लंघन)
Trick: 50→200→2000 (दस गुना बढ़ता है!)
🎯 महीनों की सीमा
1 माह = अतिरिक्त पुलिस हटाने की सूचना (Sec 13) | Sec 42 नोटिस
2 माह = पद त्याग सूचना (Sec 9, 29)
3 माह = Sec 42 परिसीमा | Sec 15A प्रतिकर आवेदन | Sec 29 दण्ड
6 माह = Sec 26 दावा | Sec 28 कारावास | Sec 32A निषेध
Trick: "1-2-3-6 = एक से शुरू, छः पर खत्म"
🧠 UP Police Regulation की Structure Analogy
UP Police Regulation को एक "Company Manual" समझें:
भाग-1 = Job Description (शक्तियाँ/कर्तव्य)
भाग-2 = Work Procedures (विशेष कर्तव्य)
भाग-3 = HR Policies (आन्तरिक प्रशासन)
भाग-4 = Training Manual (प्रशिक्षण)
कुल: 4 भाग, 37 अध्याय, 554 पैरा, 5 Appendices
🧠 Section 3 (Supervision) Analogy
राज्य सरकार एक "Franchise Owner" है और पुलिस उसकी "Franchise" है। जैसे Franchise Owner के बिना कोई Franchise नहीं चलती, वैसे ही राज्य सरकार के बिना कोई पुलिस अधिकारी/न्यायालय पुलिस को नियंत्रित नहीं कर सकता।
📊 FINAL QUICK FACTS — UP APO EXAM
1861
पुलिस अधिनियम वर्ष
47
कुल धाराएं
11
परिभाषाएं (Sec 1)
554
UP Regulation पैरा
37
UP Regulation अध्याय
4
UP Regulation भाग
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📺 Kritika BALLB
पुलिस अधिनियम, 1861 एवं UP पुलिस रेगुलेशन — UP APO परीक्षा नोट्स
ये नोट्स केवल अध्ययन उद्देश्य के लिए हैं • These notes are for educational purposes only
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